बढ़ते तनाव के बीच प्रमुख देशों ने आपूर्ति तंत्र बनाए रखने पर जोर दिया. महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए सामूहिक कदमों पर चर्चा हुई. कूटनीतिक प्रयास तेज करने की बात कही गई. जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है.