बिहार दिवस: बेरोजगारी और पलायन की बेड़ियों में जकड़ा प्रदेश, क्या लौट पाएगी अतीत की गौरवमयी चमक?

विडंबना देखिए, जिस राज्य ने दुनिया को शून्य दिया और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया, उसी की संतानें आज 'दो जून की रोटी' के लिए दर-ब-दर होने को मजबूर हैं.