Dainik Bhaskar
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें आर्मी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड के लिए कई अहम सिस्टम और प्लेटफॉर्म शामिल हैं। भारतीय सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम को मंजूरी मिली। वित्त वर्ष 2025-26 में DAC अब तक 55 प्रस्तावों को मंजूरी दे चुका है, जिनकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपए है। इसी दौरान 503 डिफेंस डील भी साइन की गई हैं, जिनकी कीमत 2.28 लाख करोड़ रुपए है। सरकार के मुताबिक यह किसी एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद और मंजूरी का आंकड़ा है। सेना को मिलने वाले नए हथियार- एयरफोर्ट को ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट मिलेंगे भारतीय वायुसेना के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, S-400 मिसाइल सिस्टम, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और Su-30 इंजन ओवरहाल को मंजूरी दी गई। इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए होवरक्राफ्ट की मंजूरी इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स (होवरक्राफ्ट) को मंजूरी दी गई है। इनका उपयोग तटीय गश्त, सर्च एंड रेस्क्यू और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट में किया जाएगा। S-400 ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी मिसाइलों को खत्म किया S-400 वही डिफेंस सिस्टम है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में ही मारकर नाकाम किया था। S-400 ट्रायम्फ रूस का सबसे एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था। ये सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों तक को मार गिरा सकता है। ये हवा में कई तरह के खतरों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है। S-400 सिस्टम की खासियत…
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