Rajasthan Patrika
खाड़ी क्षेत्र में अमरीका-ईरान संघर्ष से तेल-गैस आयात में परेशानी के अलावा भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र के 10.68 अरब डॉलर के निर्यात पर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा जैम-ज्वैलरी, हैंंडीक्राफ्ट व छोटे उद्योगों (एमएसएमई) का निर्यात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पश्चिम एशिया के देशों को होने वाला यह निर्यात मांग, लॉजिस्टिक्स बाधाओं और बढ़ती लागत के चलते मुश्किल में है। इससे मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के निर्यातक परेशान हैं। केंद्र सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही में बाधा से उपजे हालात में लौट रहे निर्यात जहाजों के लिए विशेष राहत के उपाय शुरू किए हैं लेकिन निर्यातकों को और मदद की उम्मीद है। दरअसल, मध्य पूर्व, विशेषकर गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के देश जैसे यूएई, सऊदी अरब, ओमान, कुवैत, कतर और बहरीन और इसके साथ ईरान, इराक और यमन, भारतीय कृषि और डेयरी उत्पादों के प्रमुख बाजार हैं। इन देशों में भारत के कुल कृषि निर्यात का करीब 20.5% हिस्सा जाता है। करीब एक महीने बाद भी हालात सामान्य नहीं होने से भारतीय निर्यातकों पर संकट गहराने लगा है।
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