Sudarshan News
ट्विशा शर्मा मौत प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते विवाद को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश कर दी है। अब देश की प्रमुख जांच एजेंसी इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी। ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि उन्हें ससुराल में मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार के वकील आयुष तिवारी ने अदालत में सुनवाई के दौरान व्हाट्सएप चैट का हवाला देते हुए कहा कि बातचीत से यह संकेत मिलता है कि ट्विशा काफी तनाव और दबाव में थीं। वकील के मुताबिक, चैट रिकॉर्ड में ऐसी कई बातें सामने आई हैं, जो कथित उत्पीड़न की ओर इशारा करती हैं। परिवार अब इन सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने की तैयारी कर रहा है। ट्विशा के परिजन मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए शव का पुनः पोस्टमार्टम कराने की मांग उठाने जा रहे हैं। परिवार का कहना है कि जांच के हर पहलू को निष्पक्ष तरीके से देखा जाना चाहिए ताकि मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके। मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत का परिवार की ओर से विरोध किया जा रहा है। वहीं, ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। परिवार के वकील ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत मिल जाना कई संदेह पैदा करता है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में प्रभाव और पद का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ट्विशा शर्मा के परिवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में विशेष याचिका दायर की है। जानकारी के मुताबिक, इस याचिका पर अदालत में जल्द सुनवाई हो सकती है। परिवार को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होगी।
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