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हरियाणा में गर्मी की छुट्टियों में अनूठा होमवर्क:पहली बार AI की एंट्री; छात्र अखबारों का एनालिसिस करेंगे, ढाबा खोलेंगे और थाने भी जाएंगे | Collector
हरियाणा में गर्मी की छुट्टियों में अनूठा होमवर्क:पहली बार AI की एंट्री; छात्र अखबारों का एनालिसिस करेंगे, ढाबा खोलेंगे और थाने भी जाएंगे
Dainik Bhaskar

हरियाणा में गर्मी की छुट्टियों में अनूठा होमवर्क:पहली बार AI की एंट्री; छात्र अखबारों का एनालिसिस करेंगे, ढाबा खोलेंगे और थाने भी जाएंगे

हरियाणा के सरकारी स्कूलों के ग्रीष्मकालीन होम वर्क में पहली बार एआई की एंट्री होगी। प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थी अपने दिनभर के कार्यों की गणना करेंगे, पता करेंगे उनको करने में कितना समय लगा है। अगले दिन इन्हीं कार्यों को एआई की मदद से करेंगे। बिजली बचाने की जानकारी लेंगे, 5 दिन के अखबारों का विश्लेषण भी करेंगे। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अवकाश 25 मई से 30 जून तक रहेगा। निपुण भारत अभियान के तहत ​शिक्षा विभाग ने कार्य पुस्तिका तैयार की है। एआई और बड़ों की जुगलबंदी समय और स्वाद का एआई फॉर्मूला: बच्चे दिनभर के कार्यों में लगने वाले समय की गणना करेंगे और फिर एआई से पूछेंगे कि उसी काम को कम समय में कैसे किया जाए। यही नहीं, अंकुरित चाट खुद बनाएंगे और उसे अधिक स्वादिष्ट व पौष्टिक बनाने के सुझाव एआई से लेंगे। अखबार का विश्लेषण: छात्र पिछले 5 दिनों के अखबारों से क्रिकेट स्कोर, तापमान व सूर्योदय-सूर्यास्त का विश्लेषण करेंगे। बिजली-ईंधन की बचत: बच्चे परिजनों के साथ-साथ एआई से बिजली बचाने के उपाय पूछेंगे। इसके अलावा गूगल मैप के जरिए कम समय वाला रास्ता तलाश करेंगे। नेचर और टेक्नोलॉजी: घर के आस-पास लगे पेड़ों को पहचान कर उनकी फोटो लेंगे और एआई के जरिए उनके नाम व इंसानी जीवन में उनके महत्व को समझेंगे। दुकानदार: बच्चे ‘आओ स्टॉल से खरीदो’ नाम से छोटी दुकान या मिनी ढाबा लगाएंगे। वे चीजों के दाम तय करेंगे, परिजनों से ऑर्डर लेंगे और दिन के अंत में लाभ-हानि का हिसाब लगाकर भोजन को खराब होने से बचाने के तरीके सीखेंगे। बैंक और डिस्पेंसरी की सैर: बच्चे परिजनों के साथ नजदीकी बैंक जाकर पैसे जमा करना और बचत योजनाएं समझेंगे। सरकारी अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया जानेंगे। मंडी सब्जी तोलने के तरीके देखेंगे। बच्चों को कहानी सुनने से लेकर ‘वैज्ञानिक’ बनने तक के टास्क बालवाटिका-3: माता-पिता के मोबाइल नंबर याद करना, तरबूज के बीज गिनना, कहानियां सुनना और भगवान का धन्यवाद करना। पानी में वस्तुएं डालकर देखना कि कौन सी डूबती है, कौन सी तैरती है। कक्षा पहली: साफ-सफाई की आदतें, अनाजों की पहचान, पौधों को पानी देना, चिड़ियों को दाना डालना और परिजनों के साथ योग करना। कक्षा दूसरी: पेयजल के स्रोत जानना, जलेबी बनते देखना, वेस्ट स्टिक से पेंसिल स्टैंड बनाना और रसोई की खुशबू से पकवान पहचानना। कक्षा चौथी: एक महीने के घरेलू खर्च का हिसाब रखना, कपड़े सजाना, डाकघर या पुलिस चौकी जाकर कार्यप्रणाली समझना आदि शामिल हैं।

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