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सनातन परंपरा में ज्येष्ठ मास के मंगलवारों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इन दिनों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। आज, 9 जून 2026 को ज्येष्ठ माह का छठा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। इस बार अधिकमास के कारण ज्येष्ठ मास की अवधि बढ़ गई है, जिससे वर्ष 2026 में कुल आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं। यह स्थिति धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और दुर्लभ मानी जा रही है। आज के दिन एक विशेष शुभ योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, भी बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह योग नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। माना जाता है कि इस योग में किए गए शुभ कर्मों का सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए करें यह आसान उपाय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगल के दिन हनुमान मंदिर में जाकर बजरंगबली को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करने से विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। दान और सेवा से मिलेगा विशेष पुण्य बड़ा मंगल के अवसर पर बूंदी या बेसन के लड्डुओं का भोग लगाना शुभ माना गया है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन, पानी या फल वितरित करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों में सेवा और दान को हनुमान भक्ति का अहम हिस्सा माना गया है। इसके अतिरिक्त बंदरों को गुड़ और चना खिलाने की परंपरा भी कई स्थानों पर निभाई जाती है। मान्यता है कि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और संकटों से रक्षा होती है। मंत्र जाप और लाल वस्त्र का महत्व इस दिन "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना लाभकारी माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इससे मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। वहीं लाल रंग के वस्त्र धारण कर मंगल ग्रह और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने की भी परंपरा है। क्यों विशेष माना जाता है बड़ा मंगल? पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश में इसका विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। इस वर्ष अधिकमास के कारण बड़े मंगलों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जिससे प्रत्येक मंगलवार का महत्व और भी बढ़ गया है। ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह और भगवान हनुमान से माना जाता है। इसलिए इस दिन की गई पूजा-अर्चना को साहस, ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करने वाला माना जाता है। साथ ही यह कुंडली में मंगल ग्रह की कमजोर स्थिति को मजबूत करने में भी सहायक मानी जाती है।
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