Sudarshan News
भारतीय क्रिकेट के प्रतिभाशाली बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। पिछले कुछ समय से चोट और फॉर्म की समस्याओं के कारण टीम इंडिया से बाहर चल रहे गायकवाड़ को श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज के लिए इंडिया ए टीम में शामिल किया गया था। इस मौके का उन्होंने शानदार अंदाज में फायदा उठाया। मुकाबले में गायकवाड़ को ओपनिंग की जिम्मेदारी नहीं मिली, लेकिन मध्यक्रम में उतरकर उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए 112 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। हालांकि शतक पूरा करने के तुरंत बाद वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और 114 गेंदों में 101 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। अपनी इस शतकीय पारी में उन्होंने 6 चौके और 3 छक्के लगाए। दांबुला में खेले गए इस मुकाबले में इंडिया ए के कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और दोनों सलामी बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए। वैभव सूर्यवंशी अपने पदार्पण मैच में 14 रन बनाकर चलते बने, जबकि प्रभसिमरन सिंह केवल 2 रन ही जोड़ सके। तीसरे नंबर पर उतरे प्रियांश आर्य ने 32 रन बनाए, लेकिन रन आउट होकर अपनी पारी समाप्त कर बैठे। तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद रुतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने टीम को संकट से बाहर निकाला। दोनों बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। तिलक वर्मा ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 60 रन बनाए और टीम को स्थिरता प्रदान की। अंतिम ओवरों में आयुष बडोनी और सूर्यांश शेडगे ने तेज बल्लेबाजी कर टीम के स्कोर को और मजबूत बनाया। बडोनी ने 24 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि शेडगे ने केवल 14 गेंदों में 26 रन बनाकर रन गति को बढ़ाया। 276 रन का मजबूत लक्ष्य मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों के योगदान की बदौलत इंडिया ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 276 रन बनाए। गायकवाड़ का शतक इस पारी का मुख्य आकर्षण रहा, जिसने उनकी वापसी को और भी यादगार बना दिया।
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