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पंजाब में जीएसटी चोरी पर बड़ा एक्शन; सैकड़ों होटल-ढाबे जांच के घेरे में, करोड़ों का खुलासा | Collector
पंजाब में जीएसटी चोरी पर बड़ा एक्शन; सैकड़ों होटल-ढाबे जांच के घेरे में, करोड़ों का खुलासा
Sudarshan News

पंजाब में जीएसटी चोरी पर बड़ा एक्शन; सैकड़ों होटल-ढाबे जांच के घेरे में, करोड़ों का खुलासा

चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य में जीएसटी चोरी रोकने के लिए उठाए गए कदमों और हाल की जांच के नतीजों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से हर क्षेत्र में साफ नीयत और पारदर्शिता के साथ काम किया जा रहा है, और कर व्यवस्था को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री ने बताया कि जीएसटी चोरी पर लगाम लगाने के लिए विभाग के अंदर नई इकाइयों की स्थापना की गई है। इनमें “टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट” और “स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट” शामिल हैं। इन इकाइयों का काम व्यापारिक गतिविधियों पर नजर रखना और संदिग्ध मामलों की जांच करना है। इसके साथ ही व्यापार से जुड़े आंकड़ों की गहराई से जांच के लिए आईआईटी हैदराबाद के साथ समझौता भी किया गया है, ताकि तकनीक की मदद से गड़बड़ी को जल्दी पकड़ा जा सके। जन सहयोग को बढ़ावा देने के लिए “बिल लाओ, इनाम पाओ” जैसी योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के तहत लोग खरीदारी के बाद बिल लेने के लिए प्रेरित होते हैं, जिससे कर संग्रह में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हाल ही में हुई जांच के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि अक्टूबर माह के आंकड़ों की जांच में सामने आया कि पंजाब के कई रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल एक खास ऐप “पेटपूजा” का इस्तेमाल कर रहे थे। जांच में करीब 882 प्रतिष्ठानों की पहचान की गई, जिनमें से 239 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। कई जगहों पर कुल बिक्री को कम दिखाकर कर बचाने की कोशिश सामने आई है। सरकार ने अब तक ऐसे मामलों में 2 करोड़ 54 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसमें से लगभग 2 करोड़ रुपये जमा भी हो चुके हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार इस वर्ष करीब 200 करोड़ रुपये और पिछले वर्ष के आंकड़ों को मिलाकर लगभग 500 करोड़ रुपये तक की बिक्री छुपाने के मामले सामने आ सकते हैं। हरपाल सिंह चीमा ने साफ कहा कि कर चोरी करने वालों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदार व्यापारियों को घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार का उद्देश्य केवल गलत काम करने वालों पर रोक लगाना है।

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