Sudarshan News
भारतीय नौसेना के प्रमुख गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट, आईएनएस त्रिकंड, ने 29 मार्च को मोजाम्बिक के मैपुटो में अपना सफल पोर्ट कॉल पूरा किया, जो द्विपक्षीय कूटनीतिक और समुद्री सहयोग के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इस दौरान जहाज ने मोजाम्बिक नौसेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास और पेशेवर गतिविधियों में भाग लिया, जिससे दोनों देशों की नौसैनिक सहयोग और अंतरसंचालन क्षमता मजबूत हुई। भारत ने ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस और डिजास्टर रिलीफ (HADR) सामग्री भी मोजाम्बिक को प्रदान की। इस अवसर पर डॉ. उस्सेने हिलारियो इस्से, स्वास्थ्य मंत्री, और श्री रोबर्ट शेटकिंटोंग, भारत के उच्चायुक्त मोजाम्बिक में, सहित वरिष्ठ सरकारी और सैन्य अधिकारी मौजूद थे। मोजाम्बिक नौसेना अस्पताल में एक चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया। कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने उच्चायुक्त से मुलाकात की। प्रस्थान से पहले आईएनएस त्रिकंड ने मोजाम्बिक नौसेना कर्मियों के साथ संयुक्त EEZ (एक्सक्लूसिव इकॉनॉमिक जोन) निगरानी और प्रशिक्षण गतिविधियां भी की। यह पोर्ट कॉल भारत की महासागर दृष्टि- Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Region के अनुरूप है और भारतीय नौसेना की भारतीय महासागर क्षेत्र में विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार और त्वरित प्रतिक्रिया बल के रूप में प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
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