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भय से भरोसे तक, मोदी सरकार के कारण लाल गलियारे में वंदे मातरम् की गूंज": केशव प्रसाद मौर्य | Collector
भय से भरोसे तक, मोदी सरकार के कारण लाल गलियारे में वंदे मातरम् की गूंज
Sudarshan News

भय से भरोसे तक, मोदी सरकार के कारण लाल गलियारे में वंदे मातरम् की गूंज": केशव प्रसाद मौर्य

इनपुट- सुमित श्रीवास्तव, लखनऊ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के लौह संकल्प ने देश को दशकों तक जकड़े रखने वाले लाल आतंक की कमर तोड़ दी है। जो क्षेत्र कभी नक्सलियों के कब्जे में थे, वहां आज विकास, विश्वास और राष्ट्रभक्ति की नई धारा प्रवाहित हो रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब वामपंथी विचारधारा से पोषित नक्सलियों-माओवादियों ने पशुपति से तिरूपति तक लाल गलियारा बनाने का ऐलान करने का दुस्साहस किया था और देश के एक बड़े हिस्से को अपने शिकंजे में जकड़ लिया था। लेकिन मोदी सरकार की निर्णायक नीति और सख़्त कार्रवाई ने उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। आज उसी कथित लाल गलियारे में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दे रही है - यह नए भारत की सबसे बड़ी विजय है। उन्होंने कहा कि यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि कांग्रेस और उसका नेतृत्व हमेशा इन विध्वंसक तत्वों के प्रति नरम रुख अपनाता रहा। नक्सलियों के खिलाफ जब-जब कड़ी कार्रवाई हुई, तब-तब कांग्रेस और गांधी परिवार को सबसे अधिक पीड़ा हुई। उन्होंने कभी भी राज्य सरकारों के सशक्त प्रयासों को प्रोत्साहित नहीं किया, बल्कि उन्हें हतोत्साहित करने का काम किया। छत्तीसगढ़ में सलवा-जुडूम जैसे आंदोलनों के प्रति कांग्रेस का रवैया इसका स्पष्ट उदाहरण है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान नक्सलियों का मनोबल बढ़ा, लेकिन मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही इस चुनौती को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया और उसे सिद्ध भी किया। आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं, जो ‘विकसित भारत’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के साथ-साथ अर्बन नक्सल भी विकसित भारत के रास्ते में एक बड़ा रोड़ा बने हुए हैं। ये शहरों में बैठकर अपनी खंडित और विध्वंसक विचारधारा के जरिए युवाओं को भ्रमित करने का काम करते हैं। ऐसे तत्वों की सोच को तोड़ना और उन्हें वैचारिक रूप से परास्त करना उतना ही आवश्यक है जितना जंगलों में सक्रिय नक्सलियों का सफाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज भी उसी पुरानी सोच से बाहर नहीं निकल पाई है, जिसने देश को दशकों तक हिंसा और अस्थिरता की आग में झोंक दिया। यह पार्टी लोकतंत्र का मुखौटा पहनकर राष्ट्रविरोधी विचारों को संरक्षण देने का काम करती रही है, लेकिन अब देश की जागरूक जनता इस दोहरे चरित्र को भलीभांति पहचान चुकी है। अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब न केवल नक्सलवाद और आतंकवाद से मुक्त हो रहा है, बल्कि विकसित भारत - 2047 के लक्ष्य की ओर मजबूती से अग्रसर है। यह नया भारत है - जहां लाल आतंक नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, विकास और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ही नयी पहचान है।

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