Rajasthan Patrika
भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी महत्वाकांक्षाएं अब बिजली की कमी की चुनौती से टकरा रही हैं। संसद में पेश ‘संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति’ की 27वीं रिपोर्ट के अनुसार देश के डेटा सेंटर वर्तमान में 1,020 मेगावॉट बिजली की खपत कर रहे हैं। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि अगले 2 वर्षों में यह मांग दोगुनी होकर 2,000 मेगावॉट और 5 वर्षों में 5 गीगावॉट (5,000 मेगावॉट) तक पहुंच सकती है। साथ ही के विस्तार के लिए छोटे ‘एज सेंटर’ जरूरी बताए गए हैं ताकि डेटा प्रोसेसिंग तेज़ हो, लेकिन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सरकारी स्तर पर ऐसे सेंटर बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
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