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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, क्षेत्रीय संघर्षों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच ईरान की सैन्य व्यवस्था एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गई है. खासतौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सक्रिय भूमिका और देश की अनिवार्य सैन्य सेवा प्रणाली ने यह सवाल अहम बना दिया है कि आखिर ईरान अपने युवाओं को सेना में कैसे भर्ती करता है और ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले सैनिकों के परिवारों को किस तरह का सहारा दिया जाता है.
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