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पंजाब सरकार ने पेश किया चार साल का ग्रामीण विकास रिपोर्ट कार्ड; गांवों में बुनियादी ढांचे, रोजगार और पंचायत सुधार पर दी जोर | Collector
पंजाब सरकार ने पेश किया चार साल का ग्रामीण विकास रिपोर्ट कार्ड; गांवों में बुनियादी ढांचे, रोजगार और पंचायत सुधार पर दी जोर
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पंजाब सरकार ने पेश किया चार साल का ग्रामीण विकास रिपोर्ट कार्ड; गांवों में बुनियादी ढांचे, रोजगार और पंचायत सुधार पर दी जोर

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का चार साल का व्यापक रिपोर्ट कार्ड जारी किया। रिपोर्ट में बताया गया कि लगातार नीतिगत हस्तक्षेप ने गांवों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया, प्रशासन को मजबूत किया और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए। मुख्यमंत्री ने इसे ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ श्रृंखला का हिस्सा बताते हुए ग्रामीण विकास की प्रमुख पहलों का विवरण साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण शुरू किया जा रहा है, जो सभी समुदायों के जीवन स्तर का आंकलन करेगा। इसका उद्देश्य नीतियों में समानता सुनिश्चित करना और गोपनीय तरीके से डेटा एकत्र करना है। सर्वेक्षण का बजट 250 करोड़ रुपये रखा गया है और इसके लिए 28,000 गणनाकार नियुक्त किए जाएंगे। पंचायत और ग्राम विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियां सर्वसम्मति से पंचायत चुनाव: 2024 में 2,970 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं, जबकि 2018 में यह संख्या 1,870 थी। सरपंच मानभत्ता में वृद्धि: 1,200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह। ग्रामीण विकास पर खर्च: पिछले चार वर्षों में कुल 3,847 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें पंचायत इमारतें, लाइब्रेरियां, खेल मैदान, आंगनवाड़ी केंद्र और गलियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1,100 से अधिक पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं, जिससे समुदायिक सौहार्द और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित हुआ। जल, स्वच्छता और खेल के लिए बड़े निवेश पीने के पानी, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर 1,336.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए। लगभग 3,000 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर 1,166 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में 373 पंचायत भवन और 231 लाइब्रेरियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, खेल और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। रोजगार और महिला सशक्तिकरण मनरेगा योजना के तहत अब तक 8.96 लाख लोगों को रोजगार मिला और 2.40 करोड़ दिहाड़ी का काम सृजित हुआ। 76,000 घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई, जिनमें 30,000 बाढ़ प्रभावित परिवार शामिल हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए डेयरी फार्मिंग योजनाओं के तहत 1,100 दूध सहकारी समितियां बनाई गईं और महिलाओं को 18 करोड़ रुपये ब्याज मुक्त ऋण दिए गए। नशा विरोधी और सामुदायिक सुरक्षा पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 12,000 विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं, जो नशा विरोधी अभियान में सक्रिय हैं। अब तक 1.25 लाख सदस्य इस मुहिम में शामिल हो चुके हैं। केंद्र के भेदभाव के खिलाफ राज्य सरकार की लड़ाई मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा रोक दिए गए ग्रांट्स और कम आपदा प्रबंधन फंड पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब को उसका उचित हिस्सा मिलना चाहिए और राज्य इसे कानूनी और प्रशासनिक प्लेटफॉर्म पर हर संभव तरीके से सुनिश्चित करेगा। कृषि और किसानों के लिए राहत राज्य सरकार गेहूं की खरीद और लिफ्टिंग के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है। हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावना पर योजना बनाई जा रही है, जिससे किसानों की फसलों को खतरा कम होगा।

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