Sudarshan News
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सचिवालय को लिखे पत्र के माध्यम से अपने युवा नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया है। पार्टी ने इस पद के लिए डॉ. अशोक कुमार मित्तल का नाम प्रस्तावित किया है। साथ ही, राघव चड्ढा को संसद में बोलने के समय में भी कटौती करने का आदेश दिया गया है। राघव चड्ढा ने हाल के दिनों में संसद में आम आदमी से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे, जिनमें छोटे व्यवसायों, रोज़गार और सामाजिक विषय शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, पार्टी की ओर से यह बदलाव आंतरिक अनुशासन और रणनीतिक कारणों से किया गया है। डॉ. अशोक कुमार मित्तल कौन हैं? डॉ. अशोक कुमार मित्तल का जन्म 10 सितंबर 1964 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। उनके पिता बालदेव राज मित्तल ने 1961 में मात्र 500 रुपये से 'लवली स्वीट्स' नामक छोटी दुकान शुरू की। अशोक मित्तल ने परिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाया और शिक्षा क्षेत्र में भी कदम रखा। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर चांसलर डॉ. मित्तल ने अपनी स्कूली पढ़ाई फगवाड़ा और जालंधर से पूरी की और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) से कानून (LLB) की डिग्री हासिल की। 2001 में उन्होंने लवली कॉलेज की शुरुआत की, जो बाद में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) बन गई। यह यूनिवर्सिटी आज भारत की सबसे बड़ी सिंगल-कैंपस यूनिवर्सिटीज़ में से एक मानी जाती है। उनकी पत्नी रश्मि मित्तल LPU की को-चांसलर हैं। राज्यसभा में पहली बार सांसद 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद AAP ने डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा के लिए नामांकित किया। मार्च 2022 में वे निर्विरोध चुने गए और अप्रैल 2022 से पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सांसद हैं। संसद में उन्होंने शिक्षा, किसान मुद्दे, बेरोज़गारी और स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं पर सवाल उठाए हैं।
Go to News Site