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इंद्रप्रस्थ की पुकार तेज; दिल्ली की सांस्कृतिक आत्मा को मिले उसका प्राचीन गौरव और नई आधिकारिक पहचान | Collector
इंद्रप्रस्थ की पुकार तेज; दिल्ली की सांस्कृतिक आत्मा को मिले उसका प्राचीन गौरव और नई आधिकारिक पहचान
Sudarshan News

इंद्रप्रस्थ की पुकार तेज; दिल्ली की सांस्कृतिक आत्मा को मिले उसका प्राचीन गौरव और नई आधिकारिक पहचान

विश्व हिंदू परिषद के इंद्रप्रस्थ प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि “इंद्रप्रस्थ” नाम ही दिल्ली की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित “इंद्रप्रस्थ कल्चरल फेस्टिवल 2026” को प्राचीन भारतीय संस्कृति को पुनः जागृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने इस आयोजन के लिए संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उनके अनुसार, महाभारत में वर्णित इंद्रप्रस्थ केवल एक नगर नहीं था, बल्कि वह धर्म, नीति, समृद्धि और संस्कृति का प्रमुख केंद्र था, जिसकी छाप आज भी भारतीय जनमानस में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान “इंद्रप्रस्थ” को दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्वीकार करना समाज की भावनाओं का सम्मान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि इस विचार को केवल सांस्कृतिक मंचों तक सीमित न रखकर शासन के स्तर पर भी लागू किया जाए। विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया है कि “इंद्रप्रस्थ” नाम को दिल्ली की आधिकारिक पहचान के रूप में मान्यता देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, इस विषय पर जन-जागरूकता अभियान चलाकर समाज की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझ सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल नाम परिवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी सभ्यता, आत्मगौरव और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रश्न है। परिषद ने यह भी कहा कि जब तक “इंद्रप्रस्थ” को आधिकारिक मान्यता नहीं मिलती, तब तक वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने प्रयास जारी रखेगी।

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