Rajasthan Patrika
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक अहम आदेश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे मामले जो बेहद ही ज़रूरी हैं, जिन्हें सामान्य लिस्टिंग प्रक्रिया का इंतजार नहीं कराया जा सकता, सिर्फ उन्हें ही चीफ जस्टिस के सामने पेश किया जाएगा। भले ही वह संविधान बेंच की अध्यक्षता कर रहे हों। प्रचलित व्यवस्था के तहत अगर चीफ जस्टिस उपलब्ध नहीं होते या संविधान बेंच की सुनवाई में व्यस्त होते हैं तो ऐसे ज़रूरी मामलों को वरिष्ठतम जज के सामने लिस्ट कराने के लिए पेश किया जाता है।
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