Sudarshan News
राजधानी के इंडिया हैबिटेट सेंटर में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल जे.जे. सिंह ने Navigating the Geopolitical Churning: India's Defence and Security Challenge नामक पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया। यह पुस्तक भारत की रक्षा और सुरक्षा से जुड़े बदलते वैश्विक परिदृश्य को समझने का एक गंभीर प्रयास है। कार्यक्रम में सैन्य, कूटनीतिक और रणनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इस पुस्तक का संपादन नवीन बेरी ने किया है। इसमें देश के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और अनुभवी राजनयिकों के विचारों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में वैश्विक शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बदलाव और भारत की सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई है। अपने संबोधन में जनरल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब युद्ध केवल पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष और डिजिटल माध्यमों तक फैल चुका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। पुस्तक में आधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन और साइबर सुरक्षा के महत्व को प्रमुखता से रखा गया है। साथ ही रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता भी बताई गई है। कार्यक्रम में पुस्तक के प्रमुख योगदानकर्ताओं का भी उल्लेख किया गया, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल अशोक भीम शिवाने, मेजर जनरल जगतबीर सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी, एयर वाइस मार्शल राजीव होरा, अजय बिसारिया और अशोक सज्जनहार शामिल हैं। संपादक नवीन बेरी ने कहा कि यह पुस्तक नीति निर्धारकों, रक्षा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी मार्गदर्शक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि बदलते वैश्विक हालात में भारत को संतुलित और दूरदर्शी रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि देश में सुरक्षा और रणनीति से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन हो रहा है और आने वाले समय में भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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