Sudarshan News
भारतीय नौसेना का आधुनिक गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद अपने निर्धारित अभियान के तहत मोम्बासा बंदरगाह पहुंचा। यह तैनाती दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय समुद्री उपस्थिति को दर्शाती है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और केन्या के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस अवसर पर पश्चिमी नौसैनिक कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की केन्या यात्रा भी जारी है, जिससे इस दौरे का महत्व और बढ़ गया है। यह पहल क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और मित्र देशों के साथ समन्वय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मोम्बासा में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस त्रिकंद के अधिकारी और नाविक केन्या डिफेंस फोर्सेज के साथ विभिन्न पेशेवर, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ को गहरा करना और कार्यशैली का आदान-प्रदान करना है। इसके अलावा, भारतीय नौसेना द्वारा केन्या डिफेंस फोर्सेज को आवश्यक सामग्री भी सौंपी जाएगी, जो सहयोग और सद्भाव का प्रतीक है। जहाज के कमांडिंग ऑफिसर केन्या के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, जिससे रक्षा और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी तथा भविष्य में संयुक्त गतिविधियों के नए अवसर खुलेंगे। मोम्बासा से प्रस्थान के बाद आईएनएस त्रिकंद केन्या नौसेना के साथ पासेज एक्सरसाइज (PASSEX) में भाग लेगा, जिसका उद्देश्य समुद्र में बेहतर समन्वय और संयुक्त संचालन क्षमता को बढ़ाना है। इस अभ्यास के माध्यम से दोनों नौसेनाएं एक-दूसरे की कार्यप्रणालियों को समझेंगी और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी दक्षता बढ़ाएंगी। यह पूरा कार्यक्रम भारत की महासागर पहल के अनुरूप है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग और विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आईएनएस त्रिकंद की यह यात्रा भारत की एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति के रूप में भूमिका को भी मजबूत करती है।
Go to News Site