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दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों को रसोई गैस की सुविधा सरल और सुलभ बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस योजना के तहत 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को बढ़ा दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक गैस पहुंच सके। यह कदम उन मजदूरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो शहर में अस्थायी रूप से रहते हैं और नियमित गैस कनेक्शन प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति रसोई ईंधन की कमी के कारण परेशानी में न पड़े और सभी को समय पर सुविधा मिल सके। भारत सरकार द्वारा 5 किलो एफटीएल सिलेंडरों के आवंटन में सौ प्रतिशत वृद्धि की मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली सरकार ने भी तेजी से कार्य करते हुए दैनिक उपलब्धता को 684 से बढ़ाकर 1,368 कर दिया है। इस निर्णय से अब अधिक संख्या में मजदूरों को रोजाना गैस सिलेंडर मिल पाएंगे। सरकार ने जिला स्तर पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे उन क्षेत्रों की पहचान करें, जहां प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक है और वहां विशेष शिविर आयोजित करें। इन शिविरों के माध्यम से मजदूरों को सीधे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें इधर-उधर भटकना न पड़े। इस योजना को सफल बनाने के लिए तेल विपणन कंपनियों और उनके अधिकृत वितरकों के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। शिविरों में सिलेंडर प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा और पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाना आवश्यक होगा। साथ ही जिला स्तर की टीमें पूरे वितरण कार्य की निगरानी करेंगी, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। दिल्ली सरकार का यह प्रयास न केवल गैस की उपलब्धता बढ़ाएगा, बल्कि प्रवासी मजदूरों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें बुनियादी सुविधा समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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