Sudarshan News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर अपनी दृष्टि साझा करते हुए कहा है कि भारत के विकास में नारी शक्ति की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने अपने लेख में लिखा कि भारत ने 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य तय किया है, और यह तभी संभव है जब महिलाओं को समाज और राजनिति के हर क्षेत्र में बराबर का अवसर मिले। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की मजबूती और देश की प्रगति का लिए महिलाओं को न केवल सशक्त बनाना, बल्कि उन्हें निर्णायक भूमिका में लाना भी जरुरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कोई चाहता है कि 2029 के लोकसभा चुनावों तक नारी शक्ति को संसद और राज्य विधानसभाओं में कम से कम 33% प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने पिछले दिनों सभी राजनितिक दलों से बातचीत कर समर्थन प्राप्त किया है और महसूस किया कि बिल को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने अपने लेख में आम नागरिक से भी अपील की है कि वे इसे पढ़ें और दूसरों को पढ़ने के लिए प्रेरित करें, ताकि समाज और राजनीतिक नेतृत्व दोनों इस दिशा में गंभीरता दिखाएं। सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद में विशेष बैठक बुलाई है, जहां महिला आरक्षण बिल पर चर्चा और मतदान की संभावना है। पीएम मोदी ने सभी सांसदों से आग्रह किया है कि वे नारी शक्ति के लिए इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन करें और इसे पारित कराने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कानून नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय होगा। उनका संदेश साफ है कि महिला आरक्षण बिल देश की विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।
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