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नई दिल्ली में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। समारोह में कुल 26,649 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं, जिनमें स्नातक, स्नातकोत्तर, एम.फिल. और पीएचडी के छात्र शामिल रहे। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा का समापन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नई शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उसमें तार्किक सोच, नवाचार और समय के अनुसार बदलने की क्षमता विकसित करें। उन्होंने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों के इस युग में वही युवा आगे बढ़ेंगे, जो नई चुनौतियों का समाधान खोजने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का युवा ही विकसित भारत का मार्गदर्शक बनेगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों के परिश्रम और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। समारोह में कुलपति प्रो. महेश वर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इस दौरान 76 स्वर्ण पदक और 6 स्मृति पुरस्कार भी मेधावी विद्यार्थियों को दिए गए। विशेष बात यह रही कि पीएचडी प्राप्त करने वालों में लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं रहीं, जो उच्च शिक्षा में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार शिक्षा को विश्व स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। विश्वविद्यालय द्वारा नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी सराहना की गई। यह आयोजन युवाओं को नई दिशा देने वाला सिद्ध हुआ।
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