NDTV India
ED ने खुलासा किया है कि इस पूरे खेल को छुपाने के लिए फर्जी वाउचर, नकली बिल और काल्पनिक कर्मचारियों का सहारा लिया गया. यहां तक कि ऐसे कर्मचारियों के नाम पर सैलरी दिखाई गई जो असल में मौजूद ही नहीं थे, और कुछ मामलों में स्कूल के पैसे से निजी कर्मचारियों को भुगतान किया गया.
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