AajTak
युगांडा के नगोगो जंगल में 200 चिम्पैंजियों का विशाल समूह 20 साल तक शांतिपूर्वक रहता था. 2015 में यह दो गुटों में बंट गया. पुराने दोस्त अब दुश्मन बन गए. 2018 से शुरू हुए खूनी गृहयुद्ध में एक गुट ने दूसरे के 7 वयस्क नर और 17 बच्चों को मार डाला. कुल 24 मौतें हुईं. वैज्ञानिक कहते हैं- वे सभी अपनी सफलता के शिकार बने. भोजन की कोई कमी नहीं थी, फिर भी युद्ध छिड़ा. यह इंसानी गृहयुद्धों की जड़ बताता है.
Go to News Site