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इनपुट- अंशुमान दुबे, लखनऊ एलडीए की वरूण विहार योजना जून, 2026 में लांच होगी। प्रथम चरण में कैलाश खण्ड एवं काशी खण्ड के लगभग 2100 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। जिसके लिए 1300 किसानों से 330 हेक्टेयर से अधिक भूमि खरीदी जा चुकी है। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गुरूवार को एलडीए के पारिजात सभागार में हुयी समीक्षा बैठक में प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। इस दौरान मण्डलायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि उक्त आवासीय योजनाएं मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत स्वीकृत हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भूमि के दाखिल खारिज आदि की कार्यवाही शीर्ष प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायी जाए। जिससे कि आम लोगों को जल्द से जल्द बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें। बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सी0पी0 त्रिपाठी, मुख्य नगर नियोजक के0के0 गौतम समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आगरा एक्सप्रेस-वे पर 2270 हेक्टेयर क्षेत्रफल मेें वरूण विहार योजना विकसित की जाएगी। जिसके लिए सदर व सरोजनीनगर तहसील के ग्राम-भलिया, आदमपुर इन्दवारा, बहरू, जलियामऊ एवं मदारपुर, इब्राहिमगंज, नकटौरा, गहलवारा, तेजकृष्ण खेड़ा, रेवरी, सकरा एवं दोना की भूमि किसानों से सहमति के आधार पर खरीदी जा रही है। अभी तक 853 हेक्टेयर भूमि के सहमति पत्र प्राप्त हो चुके हैं। जिसमें से 1300 किसानों को 1160 करोड़ रूपये भुगतान करके 330 हेक्टेयर से अधिक भूमि खरीदी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जून, 2026 में योजना लांच कर दी जाएगी। प्रथम चरण में कैलाश खण्ड और काशी खण्ड में लगभग 2100 भूखण्डों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण खोला जाएगा। इसी तरह नैमिष नगर योजना की लांचिंग सितम्बर, 2026 में प्रस्तावित है। बैठक में भूमि मुद्रीकरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुयी। इसमें 1090 चौराहा, ऐशबाग, हरिहरपुर एवं जानकीपुरम योजना के पास अतरौली में स्थित नगर निगम के स्वामित्व वाली भूमि के मुद्रीकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि उक्त भूमि प्राइम लोकेशन पर हैं और आवासीय एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए काफी उपयोगी होंगी। इस पर मण्डलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को प्रस्ताव का परीक्षण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सक्षम स्तर से सहमति प्राप्त करके प्रस्ताव को जनहित में आगे बढ़ाया जा सकता है।
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