Sudarshan News
वृंदावन के केशी घाट पर यमुना नदी में हुए भीषण स्टीमर हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। घटना को 14 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी कुछ श्रद्धालुओं का पता नहीं चल सका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और गोताखोरों की टीम मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इस दुखद दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। स्टीमर में कुल 37 लोग सवार थे, जिनमें से 6 अब भी लापता हैं। लापता श्रद्धालुओं में मनीक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मौनिका शामिल बताए जा रहे हैं। इनके परिजन घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और अपनों की जानकारी मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लगातार बढ़ती चिंता के बीच परिजन रेस्क्यू टीमों से उम्मीद लगाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह संभावना भी है कि कुछ लापता लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हों। इसी को ध्यान में रखते हुए आसपास के अस्पतालों, धर्मशालाओं और अन्य स्थानों पर भी जांच की जा रही है। हालांकि परिजनों का कहना है कि अभी तक उनका किसी से संपर्क नहीं हो पाया है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें सरकारी सहायता के साथ उनके गृह जिलों के लिए भेज दिया गया है। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। रेस्क्यू टीमों के अनुसार, आने वाले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी दौरान लापता लोगों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की संभावना है। कैसे हुआ हादसा? पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालुओं का एक समूह वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के बाद यमुना नदी में स्टीमर से घूमने निकला था। बताया जा रहा है कि केशी घाट के पास स्टीमर एक पांटून पुल से टकरा गया, जिससे वह असंतुलित होकर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ श्रद्धालु नाव को वापस मोड़ने की बात कर रहे थे, लेकिन नाविक ने इसे नजरअंदाज किया, जिसके बाद यह हादसा हो गया।
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