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इनपुट-ज्ञानेश लोहानी, लखनऊ यूपी एस०टी०एफ० को कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर मुद्रा लोन योजना के नाम से करोड़ों रूपये का लोन फर्जी तरीके से करने वाले यूनियन बैंक आफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर को बसंतबिहार दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई। दरअसल राज बहादुर गुरुंग, निवासी लखनऊ, ने एसटीएफ मुख्यालय में उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दिया था कि उनको व्यवसाय हेतु कुछ रूपयों की आवश्यकता थी। जिसके लिए वह एक व्यक्ति के माध्यम से लोन लेने के लिए बैक के कुछ फार्मों पर हस्ताक्षर किये थे। जिसके बाद उसको बताया गया कि तुम्हारा लोन नही हुआ। लगभग 5-6 महीने बाद राज बहादुर गुरुंग के मोबाइल पर ईएमआई ड्यू का मैसेज आया। राज बहादुर गुरुंग ने अपना सिविल स्कोर निकलवाया तो पता चला कि उसके नाम से दो लोन स्वीकृत हुए है। जिसके क्रम में विशाल विक्रम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, एस०टी०एफ०, उ०प्र० के पर्यवेक्षण मे एस०टी०एफ० मुख्यालय स्थित साइबर टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा अभिसूचना तंत्र को संकिय किया गया। अभिसूचना संकलन से ज्ञात हुआ कि यह एक संगठित गिरोह है, इस गिरोह में बैंक कर्मी, कूटरचित दस्तावेज व फर्जी फर्मे बनाने वाले सदस्य शामिल है। जिनके सहयोग से लगभग 100 लोगों के नाम से फर्जी तरीके से मुद्रा लोन पास कर उनका रूपया हडप लिया गया है। उपरोक्त प्रकरण पर तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर एवं मुखबिर के माध्यम से सूचना संकलित करते हुए दिनांक 13-09-2025 को एसटीएफ उ०प्र० द्वारा यूनियन बैंक आफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर गौरव सहित 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर थाना साइबर क्राईम, लखनऊ में अभियोग पंजीकृत कराया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी पूछताछ व बरामद दस्तावेजों के विश्लेशण से ज्ञात हुआ कि गिरोह को नावेद के साथ मिलकर संचालित करने वाला मास्टरमाइंड आमिर एहसन, यूनियन बैंक आफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर गौरव कुमार व नितिन चौधरी हैं। इसके बाद आमिर एहसन की गिरफ्तारी दिनांक 15-02-2026 को की गयी। उसी के क्रम में दिनांक 10-04-2026 को नितिन चौधरी उपरोक्त को एसटीएफ व थाना साइबर काइम लखनऊ की संयुक्त टीम द्वारा बसंत बिहार दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त नितिन चौधरी ने पूछताछ में बताया कि वर्तमान समय में मै यूनियन बैंक आफ इंडिया की बसंतबिहार शाखा दिल्ली में क्रेडिट मैनेजर के पद पर तैनात हूँ। वर्ष 2012 में बैंक आफ बडौदा अयोध्या में क्लर्क के पद पर चयन हुआ था। वर्ष 2013 में यूनियन बैंक आफ इंडिया में पीओ के पद पर चयन हो गया। मेरी पहली पोस्टिंग बैंगलूरू में हुई। इसके बाद हैदराबाद व लुधियाना में भी मेरी पोस्टिंग रही। वर्ष 2020 में मेरी पोस्टिंग लखनऊ में यूनियन बैंक आफ इंडिया की खुर्रमनगर ब्रांच में ब्रांच मैनेजर के पद पर हुई। इसके बाद वर्ष 2021 में मेरा ट्रांसफर यूनियन बैंक आफ इंडिया की कल्यानपुर ब्रांच में ब्रांच मैनेजर के पद पर हो गया। नावेद रीजनल आफिस में फर्नीचर के वेंडर का काम करता था। मेरी ब्रांच में एसी का काम कराने नावेद आया था। यही पर उससे जान पहचान हो गयी और नावेद से मित्रत्रा हो गयी। कुछ दिन पश्चात् हम लोगों ने रूपये कमाने के लिए फर्जी तरीके से लोन कराने का प्लान बनाया। जिसमें लोगों के आधार व पैनकार्ड पर लगे फोटो को एडिट कर उनके स्थान पर किसी दूसरे का फोटो लगाकर व हस्ताक्षर कराकर मुद्रा लोन योजना के अन्तर्गत लोन निकालने का प्लान था। कोटेशन के लिए नावेद ने अपने मित्र आमिर के साथ मिलकर कुछ फर्जी फर्म बना रखी थी। जिनके बैंक खातों में फर्जीवाडे का रूपया जाना था। इसके बाद मेरे द्वारा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से व फर्जी पते पर बनायी गयी कम्पनियों से कोटेशन लगाकर, दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर लगी फोटो को एडिट कर, उनकी फोटो की जगह अपने गिरोह के सदस्यों की फोटो लगाकर व उनके नाम से हस्ताक्षर कर 05 मुद्रा लोन किये गये।
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