Sudarshan News
भारतीय संगीत जगत की महान गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। इसके बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार देखने को नही मिला। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई और संगीत प्रेमियों सहित फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, आशा भोसले पिछले काफी समय से उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही थीं। निधन से पहले उन्हें गंभीर छाती में संक्रमण (chest infection) और लगातार बढ़ती थकान (exhaustion) की शिकायत थी। डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही थी, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः उनका निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि उनके परिवार ने की है, जिसमें उनके बेटे आनंद भोसले शामिल हैं। परिवार ने इस कठिन समय में प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की है। जैसे ही यह खबर सामने आई, फिल्म इंडस्ट्री, संगीत जगत और आम लोगों में शोक की भावना फैल गई। कई मशहूर कलाकारों ने उन्हें भारतीय संगीत का एक युग बताकर श्रद्धांजलि दी। आशा भोसले भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली और बहुमुखी गायिकाओं में से एक थीं। उन्होंने अपने करियर में 12,000 से अधिक गीतों को आवाज दी और 20 से अधिक भाषाओं में गाने गाए। 1940 के दशक में शुरू हुआ उनका करियर कई दशकों तक चला और उन्होंने हर दौर के संगीत को अपनी आवाज से खास बनाया। उनके कुछ प्रसिद्ध गीतों में “दम मारो दम”, “चुरा लिया है तुमने जो दिल को”, “पीया तू अब तो आजा”, “इन आंखों की मस्ती”, “राधा कैसे न जले” और “ये मेरा दिल” शामिल हैं। उनकी आवाज की खासियत यह थी कि वे हर तरह के गानों जैसे कि रोमांटिक, क्लासिकल, कैबरे और भक्ति संगीत को बेहद आसानी से गा लेती थीं, जिससे वे भारतीय संगीत की सबसे अलग और महान गायिकाओं में गिनी जाती हैं।
Go to News Site