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अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव का भव्य समापन, देश-दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्में नगद पुरस्कारों से सम्मानित | Collector
अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव का भव्य समापन, देश-दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्में नगद पुरस्कारों से सम्मानित
Sudarshan News

अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव का भव्य समापन, देश-दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्में नगद पुरस्कारों से सम्मानित

इनपुट- श्वेता सिंह, लखनऊ, twitter- @shwetamedia207 सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव (आई.सी. एफ.एफ.-2026) आज सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर देश-दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में नगद पुरस्कार से नवाजा गया। सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्मों का चयन एक अन्तर्राष्ट्रीय ज्यूरी द्वारा किया गया, जिनमें श्रीलंका से ललिथ रत्नायके, नेपाल से उरजा आचार्य एवं भारत से वी. पकिरिसामी, वाई श्रीनिवास, विशाल विजयराव शिंदे एवं नेहा मोहाजिर शामिल रहे। इसके अलावा सी.एम.एस. के तीन छात्र दिव्यांश झा, अक्षिता पाण्डेय एवं चित्रांशी दुबे भी ज्यूरी के बाल सदस्यों में शामिल रहे।दीप प्रज्वलन समारोह के साथ बाल फिल्मोत्सव के सातवें व अन्तिम दिन का विधिवत् शुभारम्भ हुआ। इस अवसर पर बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु पधारे अभिनेता रोहित भट्ट एवं फिल्म निर्देशक सुशेन भटनागर ने अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा में चार-चाँद लगा दिया जबकि सी.एम.एस. छात्रों ने स्कूल प्रार्थना, सर्वधर्म प्रार्थना व शिक्षात्मक साँस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों से आध्यात्मिक व नैतिक वातावरण का अनूठा समाँ बाँधा। सी.एम.एस. संस्थापिका-निर्देशिका डा. भारती गाँधी ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म समेत कई क्षेत्रों की महान हस्तियों ने यहाँ आकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और इस महोत्सब को अभूतपूर्व सपाल बनाया। सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि चरित्र निर्माण व जीवन मूल्य भी शिक्षा का ही अभिन्न अंग है और यही भावना इस फिल्म फेस्टिवल में देखने को मिली है। उन्होंने आगे कहा कि सी.एम.एस. संस्थापक स्व. डा. जगदीश गाँधी जी ने बाल फिल्मोत्सव की शुरुआत इस उद्देश्य से की थी कि भावी पीढ़ी चरित्रवान बने और जाति, रंगभेद व धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर समस्त मानवता के प्रति प्रेम, सद‌भावना र भाईचारे के भाव से विश्व नागरिक बने। बाल फिल्मोत्सव के अन्तिम दिन आज पुरस्कार वितरण समारोह के उपरान्त देश-विदेश की शिक्षात्मक बाल फिल्मों का निःशुल्क प्रदर्शन हुआ, जिनमें सेव द चिल्ड्रेन सेव नेचर, ए चेन्ज ऑफ हर्ट, अनप्लग्ड, शेप्स ऑफ अस, बापू एक सोच, एंजल एण्ड द साउण्डस ऑफ साइलेन्स, ड्रीमलैण्ड, अखबार, एज द वाइन्ड ब्लोज, स्कूल चलें हम, आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स स्ट्राइव्स टु विन, द ड्रीम ऑफ फोटोग्राफी, बन वे रोड, व इन्वेन्शन एवं डियर टीचर, एहसास अनेकों मनोरंजन से भरपूर उत्कृष्ट फिल्में प्रदर्शित की गई। अभिनेता रोहित भट्ट ने इस अवसर पर कहा कि बच्चे बहुत जिज्ञासु होते है और ऐसे में यदि उन्हें अच्छी चीजें देखने, पढ़ने व सुनने को मिलेगी तो वो अच्छी चीजों को ही अपना लेंगे। मुझे प्रसन्नता है कि सी.एम.एस. के इस बाल फिल्मोत्सव ने बच्चों के दिलो-दिमाग को अच्छाई की ओर प्रेरित कर रहा है। फिल्म निर्देशक श्री सुशेन मटनागर ने यह अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव बच्चों के साथ ही अभिभावकों व शिक्षकों को भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने हेतु प्रेरित करने में मददगार है। अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव के समापन अवसर पर फेस्टिवल डायरेक्टर अहमद हमीद शेख ने फिल्म फेस्टिवल की अपार सफलता हेतु लखनऊ के जनमानस का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि महोत्सव में प्रदर्शित की गई शिक्षात्मक बाल फिल्में बच्चों के उज्जवल भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी।

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