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CM मान ने पंजाब विधानसभा में पेश किया बेअदबी पर सबसे सख्त कानून; दोषियों को होगी उम्रकैद की सजा | Collector
CM मान ने पंजाब विधानसभा में पेश किया बेअदबी पर सबसे सख्त कानून; दोषियों को होगी उम्रकैद की सजा
Sudarshan News

CM मान ने पंजाब विधानसभा में पेश किया बेअदबी पर सबसे सख्त कानून; दोषियों को होगी उम्रकैद की सजा

पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धार्मिक ग्रंथों के अपमान (बेअदबी) की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि वह वॉकआउट करने के बजाय इस गंभीर विषय पर चर्चा में शामिल हो। विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार से आग्रह किया कि पिछले वर्ष गठित सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में रखी जाए। उन्होंने कहा कि समिति को बने करीब नौ महीने हो चुके हैं, इसलिए रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने का भी सुझाव दिया। इस पर स्पीकर ने स्पष्ट किया कि समिति अपना कार्य कर रही है और रिपोर्ट उचित समय पर सदन में पेश की जाएगी। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह कानून बेअदबी मामलों की जांच तय समय सीमा में पूरी करने का प्रावधान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया उच्च स्तर के अधिकारियों की निगरानी में होगी और किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यह विधेयक पहले से मौजूद ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2008’ को और मजबूत करने के लिए लाया गया है। संशोधन के तहत अब बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद जैसी कठोर सजा का प्रावधान किया गया है, जिससे इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सरकार के अनुसार, इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता को सुरक्षित रखना और समाज में सौहार्द बनाए रखना है। हाल के वर्षों में बेअदबी की घटनाओं से सामाजिक तनाव और आक्रोश बढ़ा है, जिसे देखते हुए यह कदम जरूरी माना गया है। प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए उम्रकैद तक की सजा सहित कई कठोर दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगेगा और धार्मिक सम्मान की रक्षा होगी। मंत्रिमंडल ने यह भी कहा है कि यह कानून किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। जानबूझकर धार्मिक ग्रंथों की अवमानना करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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