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नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद से लेकर बुलंदशहर तक... दिल्ली-NCR में सड़कों पर उतरे कर्मचारी; वेतन बढ़ोतरी समेत इन बातों पर अड़े मजदूर, जानें क्या हैं श्रमिकों की मांगें? | Collector
नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद से लेकर बुलंदशहर तक... दिल्ली-NCR में  सड़कों पर उतरे कर्मचारी; वेतन बढ़ोतरी समेत इन बातों पर अड़े मजदूर, जानें क्या हैं श्रमिकों की मांगें?
Sudarshan News

नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद से लेकर बुलंदशहर तक... दिल्ली-NCR में सड़कों पर उतरे कर्मचारी; वेतन बढ़ोतरी समेत इन बातों पर अड़े मजदूर, जानें क्या हैं श्रमिकों की मांगें?

नोएडा के औद्योगिक इलाकों में पिछले कुछ दिनों से चल रहा मजदूरों का विरोध सोमवार (13 अप्रैल) को अचानक तेज हो गया। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, जिससे शहर के कई हिस्सों में स्थिति बिगड़ गई और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। नोएडा के सेक्टर-60 और सेक्टर-62 में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े। कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और कई जगहों पर रास्ता जाम कर दिया। भीड़ बढ़ने के साथ कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शन का असर एनएच-9 और आसपास के प्रमुख मार्गों पर साफ दिखा। गाजियाबाद से नोएडा और दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर लंबा जाम लग गया। सुबह दफ्तर जा रहे लोग घंटों फंसे रहे, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। फरीदाबाद में भी मजदूरों का प्रदर्शन शुरू फरीदाबाद के सेक्टर-37 में भी कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन किया। हालांकि यहां हालात शांतिपूर्ण रहे और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। कई कंपनियों के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए। फरीदाबाद और नोएडा दोनों जगहों पर मदरसन ग्रुप के हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतरे। कर्मचारियों ने कुलेसरा से फेज-2 तक मार्च निकालकर नारेबाजी की और न्यूनतम वेतन 13 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की मांग रखी। गाजियाबाद में जाम से जनजीवन प्रभावित गाजियाबाद में प्रदर्शन का असर और भी व्यापक रहा। बॉर्डर एरिया पर जाम लगने से कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल जाने वाले बच्चे और ऑफिस कर्मचारी घंटों फंसे रहे और कई लोगों को पैदल यात्रा करनी पड़ी। कई जगहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर आम लोगों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। लोगों का आरोप था कि पहले से कोई वैकल्पिक रूट प्लान नहीं बनाया गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। बुलंदशहर में भी फैला आंदोलन नोएडा और गाजियाबाद के बाद बुलंदशहर के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में भी मजदूरों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और पीएफ-ईएसआई जैसी सुविधाओं को लेकर विरोध जताया। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, किराए और दैनिक खर्चों के कारण मौजूदा वेतन में घर चलाना मुश्किल हो गया है। इसी कारण वेतन बढ़ोतरी और बेहतर सुविधाओं की मांग की जा रही है। नोएडा से लेकर गाजियाबाद और दिल्ली बॉर्डर तक फैले इस प्रदर्शन ने प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है, लेकिन स्थिति अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है।

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