Sudarshan News
नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर मजदूरों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स से शुरू हुआ यह विरोध अब सेक्टर-62, सेक्टर-15 और इकोटेक-3 जैसे इलाकों तक फैल गया है। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में 10 से 11 हजार रुपये मासिक वेतन में घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि उनसे 8 घंटे की ड्यूटी के बजाय 10 से 12 घंटे तक काम कराया जाता है, लेकिन इसके बदले उचित वेतन या ओवरटाइम भुगतान नहीं दिया जाता। मजदूरों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किराया, गैस सिलेंडर, दाल-सब्जी और अन्य जरूरी सामान की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। पहले जहां कमरे का किराया 3000 से 3500 रुपये था, अब वही 4500 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। कई श्रमिकों का कहना है कि इतनी कम सैलरी में परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना लगभग असंभव हो गया है। श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई फैक्ट्रियों में समान काम करने के बावजूद वेतन में भारी अंतर है। कुछ जगहों पर वेतन बढ़ाया गया है, लेकिन नोएडा के कई यूनिटों में कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दिया गया, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि कई बार ओवरटाइम कराने के बावजूद उसका भुगतान सही तरीके से नहीं किया जाता और कुछ मामलों में तो अतिरिक्त काम का कोई भुगतान ही नहीं मिलता। मजदूरों ने यह भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि काम के दौरान उन पर लगातार टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया जाता है। कई कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त आराम या सुविधाएं नहीं मिलतीं। विरोध करने पर कई बार बदसलूकी की घटनाएं भी सामने आती हैं, जिससे असंतोष और गहरा गया है। फिलहाल नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और मजदूरों का प्रदर्शन जारी है। श्रमिकों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी वेतन वृद्धि और काम की बेहतर परिस्थितियों की मांग पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। प्रशासन और प्रबंधन की ओर से बातचीत की उम्मीद के बीच मजदूर अपने हक की लड़ाई पर अड़े हुए हैं।
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