Rajasthan Patrika
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजा कानून की व्याख्या को व्यापक करते हुए अहम फैसला दिया है कि मुआवजे का दावा सिर्फ मृतक के जैविक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि उन संस्थाओं को भी इसका अधिकार है जो मृतक पर निर्भर थीं। जस्टिस सूरज गोविंदराज और जस्टिस त्यागराज एन. इनावल्ली की बेंच ने 2011 के एक सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में यह फैसला सुनाया, जिसमें जीप और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में एक मठ के स्वामी की मृत्यु हो गई थी।
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