Sudarshan News
इनपुट- श्वेता सिंह, लखनऊ, twitter- @shwetamedia207 अन्तरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज एक बार फिर सिटी नोन्टेसरी स्कूल में पहुंचे और इण्टरनेशनल डे ऑफ ह्यूमन स्पेस फ्लाइट के उपलक्ष्य में सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित 'स्पेस फेस्टिवल 2026' के अन्तर्गत सी.एम.एस. के हजारों छात्रों से संवाद किया। इस अवसर पर शुभांशु शुक्ला को 'अशोक चक्र' अर्जित करने हेतु विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सी.एम.एस. के सभी 22 कैम्पसों के छात्रों से प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन संवाद करते हुए शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव साझा किए और कहा कि अन्तरिक्ष से सीमारहित पृथ्वी को निहारना एक अलौकिक अहसास है। उन्होंने अंतरिक्ष एवं विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए जिज्ञासा, व्यवहारिक शिक्षा, महत्वाकांक्षा और अनुशासन के महत्व पर बल दिया। इस अवसर पर छात्रों ने शुभाशु शुक्ला से सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। इससे पहले सी.एम.एस. संस्थापिका निर्देशिका डा. भारती गाँधी ने शुमांशु शुक्ला समेत उपस्थिति सभी गणमान्य हस्तियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि शुभांशु शुक्ला की असाधारण उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है, जो भावी पीढी को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में नवसृजन हेतु अवश्य ही प्रेरित करेगी। डा. गाँधी ने जोर देते हुए कहा कि सी.एम.एस. अपने छात्रों को विश्व नागरिक के रूप में ढालने हेतु सतत् प्रयासरत है, जिससे कि भावी पीढी आगे चलकर विश्व मानवता के उत्थान में रचनात्मक योगदान दे सके। इस अवसर पर एक पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, नेहा जैन, आई.ए.एस., प्रमुख सचिव, आई.टी. एवं इलेक्ट्रानिक्स, डा. अरुण मोहन शैरी, डायरेक्टर, आई.आई.आई.टी. एवं प्रो. नितिन सक्सेना, आई.आई.टी. कानपुर एवं सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने अपने सारगर्भित विचार रखे। इस परिचर्चा में वक्ताओं ने विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में सृजनात्मकता को बढ़ावा देने पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए उभरते बाल वैज्ञानिको अन्तरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में योगदान हेतु प्रेरित किया। बता दें यह कार्यक्रम 'स्पेस फेस्टिवल दृ2026' के रूप में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करना था। विदित हो कि अन्तरिक्ष यात्री शुभाशु शुक्ला सी.एम.एस. के पूर्व छात्र रहे हैं; जिन्होंने विगत वर्ष 2025 की गर्मियों में अपने मिशन के दौरान अन्तरर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिन बिताए।
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