Sudarshan News
महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर संसद में आज ( 16 अप्रैल) से अहम चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार ने साल 2029 तक महिला आरक्षण ( Womens Reservation Bill) को लागू करने और लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए तीन विधेयकों को गुरुवार को लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया है। सूत्रों के अनुसार , केंद्र सरकार संसद के विशेष सत्र में तीन बिल लाने वाली है। संविधान ( 131 वां संशोधन) विधेयक , 2026’, ‘ परिसीमन विधेयक ( Delimitation Bill), 2026’ और ‘ केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक) , 2026’ को बहस के लिए लोकसभा में पेश किया जायेगा। आपको बता दें कि , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बिल पर लोकसभा में आज 3 बजे बोलेंगे , महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे। लोकसभा में इस मुद्दे पर 16 और 17 अप्रैल को चर्चा होगी , जिसके बाद वोटिंग कराई जाएगी , महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में कुल 18 घंटे चर्चा के लिए तय किए गए हैं। पहले दो विधेयक केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे , वहीं तीसरा विधेयक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन के पटल पर रखेंगे . लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने बहस के लिए 18 घंटे का समय आवंटित किया है और यह (बहस) शुक्रवार को भी जारी रह सकती है। लोकसभा में पारित होने के बाद ये विधेयक राज्यसभा के पास जाएंगे। विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई , जिसमें यह फैसला किया गया कि इसके परिसीमन से संबंधित प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए। लोकसभा में तीनों बिल पर कल शाम 4 बजे होगी वोटिंग तीनों बिल पर एक साथ चर्चा शुरू करने का प्रस्ताव स्वीकार हुआ है, लोकसभा में तीनों बिल पर कल यानी 17 अप्रैल (शुक्रवार) शाम चार बजे वोटिंग होगी। लोकसभा में सरकार के बिल लाने का प्रस्ताव पास सरकार का संविधान संशोधन बिल लाने का प्रस्ताव पास हुआ है, बिल पर चर्चा के लिए 251 वोट पड़े जबकि विरोध में 185 वोट पड़े। जानिए क्या बोलीं केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ? केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा कि ' आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हम महिला आरक्षण की मांग बहुत लंबे समय से कर रहे थे, हमारी ये मांग पूरी हो रही है, पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला शक्ति को आरक्षण देने का काम किया जा रहा है, इसके बाद स्थिति बहुत अच्छी हो जाएगी, विपक्ष को इससे(परिसीमन) कोई समस्या नहीं है, कांग्रेस के लिए केवल एक ही परिवार की महिलाएं अहमियत रखती हैं बाकी देश की महिलाएं मायने नहीं रखती और यही हाल अब INDIA गठबंधन का है। ' जानकारी के अनुसार, संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है, मौजूदा संख्या 543 है, राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
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