Sudarshan News
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, यहां श्रद्धालुओं के लिए ग्लेशियर काटकर स्नो कॉरिडोर (Snow Corridor) तैयार किया गया है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले धाम के चारों ओर भारी बर्फबारी के कारण लगभग 4-10 फीट (कुछ स्थानों पर 18 फीट तक) बर्फ की मोटी चादर जम गई है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और मजदूर मिलकर युद्धस्तर पर बर्फ काटकर मंदिर परिसर और पैदल मार्ग को तैयार करने में लगे हुये हैं। रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा का कहना है कि 100 से ज्यादा श्रमिक दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए रास्ता तैयार किया जा सके। बर्फ की मोटी परतें अभी भी चुनौती प्रस्तुत कर रही हैं। रजिस्ट्रेशन की संख्या इस उत्साह का प्रमाण है, क्योंकि पहले दिन 42,405 रजिस्ट्रेशन के बाद 15 अप्रैल तक यह संख्या 5,96,100 पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार, कई बार बर्फबारी के बाद यात्रियों की संख्या पर पाबंदी लगने की अफवाहें उठती हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर स्पष्ट कर दिया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है और धाम में इनकी आपूर्ति शुरू हो गई है। हेलीकॉप्टर सेवा में श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हवाई पट्टी से बर्फ साफ कर दी गई है, जिससे हवाई यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी। इस बार की यात्रा पिछले साल की अपेक्षा पहले शुरू हो रही है, जिससे श्रद्धालु 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। वहीं मंदिर की सफाई से लेकर कपाट खुलने की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाएगा। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे।
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