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‘श्रेय ले लो, हमें नहीं चाहिए...’महिला आरक्षण पर पीएम मोदी के 10 बड़े बातें; बोले- एड देकर सबकी फोटो छपवा दूंगा | Collector
‘श्रेय ले लो, हमें नहीं चाहिए...’महिला आरक्षण पर पीएम मोदी के 10 बड़े बातें; बोले- एड देकर सबकी फोटो छपवा दूंगा
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‘श्रेय ले लो, हमें नहीं चाहिए...’महिला आरक्षण पर पीएम मोदी के 10 बड़े बातें; बोले- एड देकर सबकी फोटो छपवा दूंगा

संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत हो चुकी है। इसी दौरान केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल को लोकसभा में तीन अहम संशोधन विधेयक पेश किए, जिनका उद्देश्य 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) को लागू करना है। इन विधेयकों को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में प्रस्तुत किया, जिनमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। विधेयकों पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सभी सांसदों को इस मौके का सदुपयोग करना चाहिए और इससे निकलने वाले निष्कर्ष देश के भविष्य को दिशा देंगे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि 21वीं सदी में भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान मजबूत हुई है। उन्होंने जोर दिया कि देश के विकास में “सबका साथ, सबका विकास” की भावना जरूरी है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी अहम होनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण में शामिल करना समय की मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को चुनावों में महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उनके अनुसार, जब पंचायत स्तर पर आरक्षण दिया जा सकता है, तो उच्च स्तर पर भी महिलाओं को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं अपनी बात खुलकर नहीं रख पाती थीं, लेकिन अब वे जागरूक और मुखर हो चुकी हैं। आज महिलाएं केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदारी चाहती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 25-30 वर्षों में लाखों महिलाएं जमीनी स्तर पर नेतृत्व की भूमिका में आई हैं। ऐसे में उन्हें राजनीति के उच्च स्तर पर भी अवसर मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि जो लोग इस पहल का विरोध करेंगे, उन्हें राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सहमति बनाना सभी के हित में है। पीएम ने स्पष्ट किया कि 2024 तक इस कानून को लागू करना संभव नहीं था, लेकिन 2029 तक इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि अब इस दिशा में देरी नहीं होनी चाहिए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार को इस कानून का श्रेय लेने की इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सभी दल मिलकर इसे पारित करते हैं, तो इसका श्रेय सभी को दिया जा सकता है।

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