Rajasthan Patrika
Supreme Court: पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया और चुनाव से पहले साफ दिशा-निर्देश जारी कर दिए। दरअसल, मतदाता सूची से नाम हटाने और उस पर आपत्तियों से जुड़े लाखों मामले लंबित थे। करीब 34 लाख अपीलें अभी भी फैसले का इंतजार कर रही थीं। ऐसे में चिंता यह थी कि कहीं लोग अपने वोट के अधिकार से वंचित न रह जाएं। कोर्ट ने इसी चिंता को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया के लिए टाइमलाइन तय कर दी है। 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले, जिन लोगों की अपील पर 21 अप्रैल तक फैसला आ जाएगा, वे वोट डाल सकेंगे। यानी अगर ट्रिब्यूनल ने आपको राहत दे दी, तो आपका नाम तुरंत शामिल किया जाएगा।
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