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मणिपुर हिंसा पर PM मोदी से हस्तक्षेप की मांग; दो बच्चों की हत्या पर उबाल | Collector
मणिपुर हिंसा पर PM मोदी से हस्तक्षेप की मांग; दो बच्चों की हत्या पर उबाल
Sudarshan News

मणिपुर हिंसा पर PM मोदी से हस्तक्षेप की मांग; दो बच्चों की हत्या पर उबाल

दिल्ली मीतेई को-ऑर्डिनेटिंग कमेटी (DMCC), मणिपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन दिल्ली (MSAD), यूनाइटेड ककचिंग स्टूडेंट्स (UNIKAS) और मणिपुर इनोवेटिव यूथ ऑर्गनाइजेशन दिल्ली (MAIYOND) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपकर मणिपुर में बढ़ती हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दो मासूम बच्चों की हत्या पर न्याय की मांग ज्ञापन में 7 अप्रैल 2026 को हुए एक हमले का उल्लेख किया गया है, जिसमें दो छोटे बच्चों—एक 5 महीने का शिशु और एक 5 वर्षीय बच्चा—की जान चली गई। हमले में घायल हुई उनकी मां ने बताया कि उनके पति, जो सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात हैं, ड्यूटी पर थे, तभी उनके परिवार पर हमला किया गया। संगठनों ने इस घटना को बेहद अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि इस घटना के बाद केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर से कोई ठोस प्रतिक्रिया या सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष और उपेक्षा की भावना पैदा हुई है। संगठनों के अनुसार, मई 2023 से मणिपुर में हिंसा का सिलसिला जारी है। इस दौरान सैकड़ों हमले हुए हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई और अनेक लोग अब भी लापता बताए जाते हैं। आरोप है कि हमलों का निशाना आम नागरिक, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, बने हैं। ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया गया है कि कई मामलों में हमलों के बावजूद सुरक्षा बलों की कार्रवाई संदिग्ध रही है। कुछ घटनाओं में हमले के बाद प्रभावित क्षेत्रों के बजाय अन्य इलाकों में तलाशी अभियान चलाने की बात कही गई है, जिससे पक्षपात की धारणा मजबूत हुई है। ज्ञापन में बताया गया है कि जहां कुछ समूहों ने हथियार जमा करने की अपील का पालन किया, वहीं अन्य समूहों ने ऐसा करने से इनकार किया। इसके बावजूद उनके खिलाफ सख्त कदम न उठाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि बच्चों की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कई नागरिकों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इसने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। यह है मुख्य मांगें ज्ञापन में केंद्र सरकार से कई अहम मांगें की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:- मणिपुर में कानून-व्यवस्था की तत्काल बहाली, सभी सशस्त्र समूहों का पूर्ण निःशस्त्रीकरण, हिंसा में शामिल संगठनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, सभी घटनाओं की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच, दोषी सुरक्षा कर्मियों पर भी कार्रवाई। राष्ट्रीय एकता और शांति की अपील ज्ञापन के अंत में संगठनों ने कहा कि किसी भी समुदाय के खिलाफ सशस्त्र समूहों का इस्तेमाल देश की एकता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने सरकार से बिना देरी के ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि मणिपुर में शांति और विश्वास बहाल किया जा सके।

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