Rajasthan Patrika
Digital Payments: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज भारत की वित्तीय धड़कन बन चुका है। चाय की टपरी से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह यूपीआई से पेमेंट हो रहा है। भारत में हर महीने 22 अरब से ज्यादा लेनदेन होते हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 30 लाख करोड़ रुपये है। सन 2016 में शुरू हुआ यह स्वदेशी सिस्टम अब फ्रांस, यूएई और सिंगापुर सहित 8 देशों में भी अपना डंका बजा रहा है। यूपीआई की इस अभूतपूर्व सफलता का सबसे बड़ा कारण यह है कि आम जनता के लिए यह पूरी तरह से फ्री है। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह हमेशा मुफ्त रह पाएगा?
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