Sudarshan News
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने देश की महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई है। रामदास आठवले के अनुसार, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के लिए जरूरी संवैधानिक संशोधन का समर्थन न करना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम है। उनका कहना है कि यह रुख महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बाधा है। आरपीआई (आ.) के प्रमुख ने घोषणा की कि उनकी पार्टी कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि आम जनता को विपक्ष की नीतियों के बारे में जागरूक किया जाएगा। आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर इस पहल को रोकने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण (परिसीमन) जरूरी है। उनके मुताबिक, विपक्ष का इसका विरोध करना अनुसूचित जाति और जनजाति के प्रतिनिधित्व को भी प्रभावित कर सकता है। रामदास आठवले ने कहा कि महिलाओं के मुद्दे पर लिया गया यह रुख भविष्य में विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकता है। उनका दावा है कि आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिलेगा। अंत में उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक विधेयक तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश की कई महिलाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी निराशाजनक बताया।
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