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इनपुट- अंशुमान दुबे, लखनऊ जनपद लखनऊ में भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता, सुलभता एवं सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, जिलाधिकारी लखनऊ के निर्देशन में “लखनऊ भूलेख (lucknowbhulekh.in)” का शुभारंभ दिनांक 15 अप्रैल 2026 से किया गया है।इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक खसरा, खतौनी, चकबंदी सहित अन्य राजस्व अभिलेखों का ऑनलाइन अवलोकन कर सकेंगे तथा डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाणित प्रतियों के लिए घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। जारी की गई प्रमाणित प्रतियाँ न्यायालय, बैंक एवं अन्य शासकीय कार्यों में पूर्णतः मान्य होंगी। इस परियोजना के अंतर्गत जनपद लखनऊ की कुल 898 ग्रामों के भूमि अभिलेख पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक कुल 11,049 अभिलेख का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जिसमें लगभग 22,51,696 अभिलेख पृष्ठ सम्मिलित हैं। इससे अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण एवं त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। दिनांक 15 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है कि डिजिटाइज़ किए गए अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियाँ अब केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही जारी की जाएंगी तथा इन अभिलेखों की भौतिक प्रतियाँ निर्गत नहीं की जाएंगी। पोर्टल में नागरिकों की सुविधा हेतु विस्तृत मास्टर डेटा मॉड्यूल भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके अंतर्गत तहसीलों, परगनों, ग्रामों एवं उनके राजस्व मानचित्रण की समेकित जानकारी उपलब्ध है। नागरिक तहसीलवार, परगनावार तथा तहसील-परगना के संयोजन के आधार पर ग्रामों की सूची देख सकते हैं। साथ ही, तहसीलवार लेखपालों की सूची एवं तैनाती विवरण भी उपलब्ध कराया गया है। पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को आवेदन की स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी, पारदर्शी प्रक्रिया तथा न्यूनतम समय में सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल प्रशासन की डिजिटल गवर्नेंस एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस परियोजना का तकनीकी विकास राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनoआईoसीo), लखनऊ जिला इकाई, लखनऊ द्वारा किया गया है तथा इसका संचालन जिलाधिकारी, लखनऊ के निर्देशन में किया जा रहा है।
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