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अरुणाचल रनवे 4.0 का ग्रैंड फिनाले; न्यीशी संस्कृति और आधुनिक फैशन का रचा नया अध्याय | Collector
अरुणाचल रनवे 4.0 का ग्रैंड फिनाले; न्यीशी संस्कृति और आधुनिक फैशन का रचा नया अध्याय
Sudarshan News

अरुणाचल रनवे 4.0 का ग्रैंड फिनाले; न्यीशी संस्कृति और आधुनिक फैशन का रचा नया अध्याय

इटानगर के न्योकुम लापांग ग्राउंड में 17 अप्रैल को अरुणाचल रनवे (AR) 4.0 का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की थीम “Ngul Nyishi (वी न्यीशी)” रखी गई, जिसमें न्यीशी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को आधुनिक फैशन के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया। इस फैशन शो में डिजाइनरों ने पारंपरिक जनजातीय पैटर्न और आधुनिक परिधानों का शानदार मिश्रण पेश किया। कार्यक्रम में बोरी बूट, न्योकुम युलो और लोंगटे जैसे प्रमुख त्योहारों की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली, जिसने दर्शकों को काफी प्रभावित किया। इवेंट के दौरान शिवा टेल्स द्वारा बनाई गई फिल्म “Ngul Nyishi” की स्क्रीनिंग भी की गई। इस फिल्म को दर्शकों से जोरदार सराहना मिली क्योंकि इसमें न्यीशी संस्कृति और विरासत को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया था। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण मंच बताया, जो स्थानीय कलाकारों और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देता है। उन्होंने घोषणा की कि अरुणाचल रनवे को अब हर वर्ष राज्य सरकार के आधिकारिक कैलेंडर इवेंट के रूप में शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्होंने “अरुणाचल क्रिएटिव इकोनॉमी” नामक नई पहल की शुरुआत की घोषणा की, जिसका उद्देश्य डिजाइनरों और कलाकारों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करना है। विशेष अतिथि जिंग्नु नामचूम (विधायक) ने राज्य के हथकरघा और वस्त्र उद्योग की आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अरुणाचल के पारंपरिक कपड़े और डिज़ाइन वैश्विक बाजार में बड़ी संभावनाएं रखते हैं। न्यीशी एलीट सोसाइटी (NES) के अध्यक्ष ने इस आयोजन को सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल फैशन शो नहीं, बल्कि न्यीशी पहचान और परंपरा का सशक्त प्रदर्शन है। विजेताओं की मिली पुरस्कार कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की गई। बेस्ट डिजाइनर: मिस गिमी यामांग 1st रनर-अप: नाजा डोलांग डूई 2nd रनर-अप: मिस तासर अमी व्यूअर्स चॉइस अवॉर्ड: मिस बिकी मीना बेस्ट डिसिप्लिन अवॉर्ड: श्रीमती ख्वैराकपम रंधोनी देवी

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