साल 2013 में आई उस त्रासदी के 13 साल बाद भले ही केदारनाथ धाम नया रूप ले रहा है, लेकिन आज भी कई ऐसी जगह हैं, जहां पर तबाही के निशान आज भी बाकी हैं.