Sudarshan News
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। करीब सुबह 9:40 बजे रामनगर से उधमपुर जा रही एक निजी बस काघोटे गांव के पास अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। बताया जा रहा है कि बस लगभग 70 फीट नीचे जा गिरी, जिससे कई यात्री उसमें फंस गए। घटना के तुरंत बाद भारतीय सेना के गोरखा राइफल्स के जवान, जो प्रशिक्षण के लिए जा रहे थे, सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डोगरा रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर के नेतृत्व में मौके पर एक अस्थायी कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया। बचाव अभियान के लिए कुल 10 टीमें गठित की गईं, जिनमें डोगरा रेजिमेंट और गोरखा राइफल्स के जवान शामिल थे। सेना के जवानों ने घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय वायुसेना से भी संपर्क किया गया और आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया। बचाव कार्य के दौरान सेना ने सिर्फ राहत ही नहीं दी, बल्कि फंसे हुए यात्रियों और राहतकर्मियों के लिए भोजन और पानी की भी व्यवस्था की, ताकि किसी को परेशानी न हो। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। बाद में सिविल प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने आगे की चिकित्सा और जांच की जिम्मेदारी संभाल ली। इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई और समर्पण एक बार फिर सामने आया। आपदा के समय नागरिकों की मदद के लिए सेना की तत्परता ने कई जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभाई।
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