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*गाजियाबाद।* सौरभ भट्ट अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) ने मौसम विभाग की ओर से जारी की गयी एडवाइजरी के अनुसार जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 05 दिनों तक प्रदेश में उष्ण लहर/लू चलने की सम्भावना के दृष्टिगत जनपद का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जनपद गाजियाबाद में 44.48 डिग्री सेल्सियस तापमान होने पर हीटवेव घोषित किया गया है। उक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार उष्ण-लहर (लू-प्रकोप) होने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। साथ ही आम जनमानस को यह भी बताया जाना आवश्यक है कि उच्च आद्रता तथा वायुमण्डलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाईड्रेशन) एवं ऐठन की शिकायत आती है और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती है। शहरी क्षेत्रों में तापमान उच्चतम हो जाने से अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति बन जाती है। हिटवेव (लू) से वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलायें, बीमार, मजदूर, दुर्बल, एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होते है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए। सौरभ भट्ट अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम वैभव पाण्डये जिला आपदा विशेषज्ञ जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, गाजियाबाद द्वारा जनपद वासियों हेतु हीटवेव से बचाव हेतु निम्नलिखित एडवाइजरी जारी की जाती है:- *हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव हेतु क्या करें।* कड़ी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।,हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपडें पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें. कपडे टोपी या छाता का उपयोग करें। पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीतें रहें। सफर में अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें। खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, नारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना इत्यादि घरेलू पेय पदार्थो को इस्तेमल करें। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रो के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें। कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करे। *हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव हेतु क्या न करें।* भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड षीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें क्योकि ये शरीर को निर्जलित करतें हैं। दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें। रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिये खिडकी व दरवाजे खुले रखें।
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