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‘धार्मिक प्रथाओं में राज्य कब हस्तक्षेप करे इस पर दिशा निर्देश तय करना संभव नहीं’, सबरीमला केस पर सुप्रीम कोर्ट का बयान | Collector
‘धार्मिक प्रथाओं में राज्य कब हस्तक्षेप करे इस पर दिशा निर्देश तय करना संभव नहीं’, सबरीमला केस पर सुप्रीम कोर्ट का बयान
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‘धार्मिक प्रथाओं में राज्य कब हस्तक्षेप करे इस पर दिशा निर्देश तय करना संभव नहीं’, सबरीमला केस पर सुप्रीम कोर्ट का बयान

सबरीमला केस में सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान बेंच ने सुनवाई के सातवें दिन स्पष्ट किया कि धार्मिक प्रथाओं में राज्य कब हस्तक्षेप कर सकता है, इस पर कोई सार्वभौमिक या भविष्य के लिए लागू होने वाले दिशा-निर्देश तय करना संभव नहीं है। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ऐसे मामलों का फैसला हर केस के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। अदालत ने माना कि ‘सामाजिक कल्याण और सुधार’ एक व्यापक अवधारणा है और राज्य जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। यदि समाज किसी बुराई को खत्म करना चाहता है, तो राज्य हस्तक्षेप कर सकता है, लेकिन यह हस्तक्षेप सीमित और न्यायिक जांच के अधीन होगा।

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