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जब शादी नहीं थी जरूरी, कोई भी किसी से हो जाती थी प्रेग्नेंट, तो कैसे शुरू हुई 7 फेरों वाली रिवाज! | Collector
जब शादी नहीं थी जरूरी, कोई भी किसी से हो जाती थी प्रेग्नेंट, तो कैसे शुरू हुई 7 फेरों वाली रिवाज!
News18 India

जब शादी नहीं थी जरूरी, कोई भी किसी से हो जाती थी प्रेग्नेंट, तो कैसे शुरू हुई 7 फेरों वाली रिवाज!

Shaadi Ke Saat Pheron Ka Arth| Interesting Marriage Facts: भारतीय परंपरा में अग्नि को पवित्र और साक्षी माना जाता है. जब जोड़ा सात फेरे लेता है तो इसका मतलब होता है कि उनका रिश्ता सिर्फ सामाजिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी जुड़ गया है. इन वचनों में जिम्मेदारी, प्यार, विश्वास, सम्मान और दोस्ती सब शामिल हैं. यही वजह है कि कहा जाता है, शादी जन्म-जन्मांतर का बंधन है. पर आपको पता है एक समय ऐसा भी था, जब लोग शादी का नाम भी नहीं जानते थे.

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