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कनाडा आज भले ही बहुसांस्कृतिक समाज और आप्रवासियों के लिए खुले देश के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसका इतिहास हमेशा ऐसा नहीं रहा. 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में हालात बिल्कुल अलग थे. उस दौर में एशियाई, खासकर भारतीय प्रवासियों को रोकने के लिए कई सख्त और भेदभावपूर्ण कानून बनाए गए. इन्हीं में से एक था “Continuous Journey” नियम, जिसने हजारों भारतीयों के कनाडा आने का रास्ता लगभग बंद कर दिया.
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