Collector
मटके में तो पानी भरते हैं, फिर सट्टे को भी मटका क्यों बोलते हैं? | Collector
मटके में तो पानी भरते हैं, फिर सट्टे को भी मटका क्यों बोलते हैं?
AajTak

मटके में तो पानी भरते हैं, फिर सट्टे को भी मटका क्यों बोलते हैं?

सट्टा मटका एक पुराना जुआ है जिसकी शुरुआत 1950 के दशक में कपास के दामों पर सट्टा लगाने से हुई थी. बाद में यह नंबर आधारित गेम बन गया, जिसमें लोग अंकों पर पैसे लगाते हैं. मुंबई में यह काफी लोकप्रिय रहा, लेकिन भारत में जुआ कानूनन अपराध है, इसलिए सट्टा मटका खेलना और चलाना दोनों गैरकानूनी माने जाते हैं.

Go to News Site